Saccha Sukh

“व्यवहार” घर का शुभ कलश है। और “इंसानियत” घर की “तिजोरी”। “मधुर वाणी” घर की “धन-दौलत” है। और “शांति” घर की “महा लक्ष्मी”। “पैसा” घर का “मेहमान” है। और “एकता” घर की “ममता। “व्यवस्था” घर की “शोभा” है और समाधान “सच्चा सुख”। ✨

हँसो तो मुस्कुराती है ज़िंदगी.. रोने से आँसू बहाती है ज़िंदगी..! प्यार दो तो संवर जाती है ज़िंदगी.., हाथ बढ़ाओ तो पास आती है ज़िंदगी..!! जिस नजर से देखो वैसी नजर आती हैं ज़िंदगी… नजरिया बदलते ही बदल जाती हैं ज़िंदगी..!!! ✨