Kabhi Kabhi Udaasi Ki Aag He Zindagi

कभी कभी उदासी की आग हे ज़िन्दगी, कभी कभी खुशियों का बाग हे ज़िन्दगी, हँसता और रुलाता राग हे ज़िन्दगी, कड़बे और मीठे अनुभबो का स्वाद हे ज़िन्दगी, पर अंत में तो अपने ही कर्मो का हिसाब हे ज़िन्दगी। 🌿

बात “मेहनत” की होती है कौन कितनी करता है, वरना “क़िस्मत” तो सबकी अच्छी होती है “!! भगवान जानते है आपने किसी चीज़ के लिए कितना सब्र किया है, और यक़ीन मानिए आपके सब्र के हर पल की क़ीमत अदा होगी। भगवान पर विश्वास रखे। 🙏

कौन सीरत पे ध्यान देता है आईना जब बयान देता है!! मेरा किरदार इस ज़माने में बारहा इम्तिहान देता है!! पंख अपनी ज़गह पे वाजिब है हौसला भी उड़ान देता है!! “यूँ ना फ़ैसला करो मेरी हार-जीत का मेरी कोशिशों से अभी वाक़िफ नहीं हो तुम” 💪

“व्यवहार” घर का शुभ कलश है। और “इंसानियत” घर की “तिजोरी”। “मधुर वाणी” घर की “धन-दौलत” है। और “शांति” घर की “महा लक्ष्मी”। “पैसा” घर का “मेहमान” है। और “एकता” घर की “ममता। “व्यवस्था” घर की “शोभा” है और समाधान “सच्चा सुख”। ✨