Prkh Se Kb Jaahir Hui

कभी कभी उदासी की आग हे ज़िन्दगी, कभी कभी खुशियों का बाग हे ज़िन्दगी, हँसता और रुलाता राग हे ज़िन्दगी, कड़बे और मीठे अनुभबो का स्वाद हे ज़िन्दगी, पर अंत में तो अपने ही कर्मो का हिसाब हे ज़िन्दगी। 🌿