Philosophical

Nakhre bhut..

मैंने कहा – तुम्हारे नखरे बहुत हैं….वो बोली – जब तक जिंदा हूं तब तक नखरे उठा लीजिए सुना हैमरने के बाद लोग पत्नी की अर्थी भी नहीं उठाने देते..🥺

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