“क्युँ मुश्किलों में साथ देते हैं दोस्त,
क्युँ गम को बांट लेते है दोस्त,
ना रिश्ता खून का ना रिवाज से बंधा,
फिर भी जिन्दगी भर साथ देते हैं दोस्त” ❤️


“क्युँ मुश्किलों में साथ देते हैं दोस्त,
क्युँ गम को बांट लेते है दोस्त,
ना रिश्ता खून का ना रिवाज से बंधा,
फिर भी जिन्दगी भर साथ देते हैं दोस्त” ❤️




बात मोहब्बत की थी इसलिए बर्बाद हो गया..
अगर तेरे शरीर से प्यार होता ना..
तो तुझसे भी सुंदर चेहरे बाजार में थे! 💔


काटें तो आने ही थे मेरे हिस्से में,
मैंने प्यार भी तो फूल जैसे से किया है..!! 🌹
वादो से बंधी,
जंजीर थी जो तोड़ दी मैंने..!!
अब से जल्दी,
सोया करेंगे मोहब्बत छोड़ दी मैंने..!! 😄


पीते थे ‘गोल्ड फ्लैक’ इस जहाँ में कभी सीना तान के हम भी..!
ये कम्बख्त इश्क़ क्या हुआ
‘बीड़ी’ पे आ गए!! 💔


रचाकर ढोंग प्यार का, प्यास जिस्म की बुझाते हैं..!!
हवश का नाम दुनिया ने, बदल कर इश्क रखा है..!! 💔


आईने के सो टुकड़े करके हमने देखे है
फिर मम्मी से पिटाई खाके उनको समेट के भी फेंके है..!! 😄




ना रख किसी से मोहब्बत की
उम्मीद ऐ दोस्त..!!
कसम से लोग खुबसूरत बहुत है पर
वफादार नहीं..!! 💔

