Nhi milta..

सब कुछ नहीं मिलता है, ज़िन्दगी मेंकुछ चीजें मुस्कुराकर छोड़नी भी पड़ती हैं..! 🙂✨

सब कुछ नहीं मिलता है, ज़िन्दगी मेंकुछ चीजें मुस्कुराकर छोड़नी भी पड़ती हैं..! 🙂✨
रात भर जागते रहे हम, मगर ये फैसला ना कर सके…वो याद आ रहे हैं या हम उन्हें याद कर रहे हैं…!! 💭🌙
शिकायत किस बात की?इंसान ही तो था… बदल गया। 😔
सभी काले ही हैं यहाँ…कुछ की नियत, तो कुछ के रंग…! 🖤

एक अदा से शुरू, एक अंदाज़ पे ख़त्म होती है…नज़र से शुरू मोहब्बत, नज़र-अंदाज़ पे ख़त्म होती है…!! 💔😔

चाँद कितनी ही कोशिश क्यूं ना कर ले,वो रात को दिन तो नहीं बना सकता…!! 🌙✨

ख़ैर शिकायतें तो बहुत हैं आपसे लेकिन छोड़िए, प्यार से ज़्यादा नहीं…!!😌

कितना कुछ हो गया लेकिन उस एक चेहरे से नफ़रत ना हो सकी…!!💔
होगा घमंड आपको, अपनी चालाकियों पर… 😏लेकिन हमें तो अपनी मासूमियत पे ऐतबार है…! 🌸
ख़ामोशी से मतलब नहीं, मतलब तो बातों का है..💭दिन तो गुजर जाता है, मसला तो रातों का है…🌙
उनके जाने से हमें उतना दर्द नहीं हुआ 😔जितना दर्द उन्हें किसी और के साथ देख कर हुआ…! 💔
अब हम जब भी आयेंगे…बस याद ही आयेंगे…!!.. 😔💭
अब आप ख़्याल रखना अपनाहम आपसे बहुत दूर जाने वाले हैं…!!💔

आप हमें एक बार और शुरुआत की तरह मिलनाआपका हमें वो शुरू-शुरू का चाहना, बहुत याद आता है…💔
हमें पता था कि हमसे पहले वो किसी और के थे 😔फिर भी हमने उन्हें अपनी पहली मोहब्बत की तरह चाहा था…! 💔
याद आएगी हर रोज़, मगर तुझे आवाज़ नहीं दूंगालिखूंगा हर शायरी तेरे लिए, मगर तेरा नाम नहीं लूंगा… 🖋️🥀

Jisne khud ke saath bura hote hue dekha ho…Wo phir kisi ke saath bura nahi kiya karte…!! 💭
जिनको मोहब्बत निभानी आती है,उनको मोहब्बत मिलती ही नहीं है..!! 💔

जिसके लिए सब कुछ जीतना चाहते हो,अगर उसे ही हार गए… तब फिर क्या करोगे…? 💔🥀

ख़ुद पर सारे इल्ज़ाम लेकरकहानी से निकल जाना ही बेहतर है…!! 😔
अगर हाल पूछना हो तो अकेले में पूछनावैसे तो चेहरा हमेशा हंसता हुआ ही मिलेगा हमारा…🙂 यह शायरी बताती है कि कभी-कभी हम अपनी असली feelings सबके सामने नहीं दिखाते। हमारा चेहरा हमेशा खुश दिख सकता है, लेकिन अगर किसी को सच में हमारा हाल जानना है तो उसे अकेले…

कितने झूठे निकले हम दोनों ही मोहब्बत मेंवो भी खुश हैं और मरा मैं भी नहीं… 💔

Main vo kyu banu jo tumhein pasand hai,Tumhein vo kyu nahi pasand jo main hu..💔

Karta tha beintehaa pyar usse vo kabhi samajh na paayi,Aaya zindgi mein teesra saksh phir wokabhi lautke mere paas na aayi..

Rehne de mujhe andhero mein ai-gaalibujaalon mein mujheapnon ke asli chehre nazar aate hai…🥀