Jo Sphr Ki Shuruaat Karte Hain

”घमंड” और “पेट” जब ये दोनों बढतें है तब “इन्सान” चाह कर भी किसी को गले नही लगा सकता जिस प्रकार नींबू के रस की एक बूँद हजारों लीटर दूध को बर्बाद कर देती है उसी प्रकार “मनुष्य का अहंकार” भी अच्छे से अच्छे संबंधों को बर्बाद कर देता है! सत्कर्म ही जीवन है 🔥

हर एक की सुनो ओर हर एक से सीखो क्योंकि हर कोई, सब कुछ नही जानता लेकिन हर एक कुछ ना कुछ ज़रुर जानता हैं! स्वभाव रखना है तो उस दीपक की तरह रखिये, जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता है, जितनी की किसी गरीब की झोपड़ी में… 💡