पापा की कुछ गलतियों ने उन्हें नहीं
पर मुझे सिखा दिया कि
अपनों को उतना अपना मानो जितना वो तुम्हें अपना माने..




पापा की कुछ गलतियों ने उन्हें नहीं
पर मुझे सिखा दिया कि
अपनों को उतना अपना मानो जितना वो तुम्हें अपना माने..


अगर फुर्सत के लम्हों में मुझे याद करते हो तो अब मत करना,
क्योंकि मैं तन्हा जरूर हूँ … मगर फ़िज़ूल बिलकुल नहीं..!!


Baap ki mehnat or
ghar ki pareshani
jinko yaad rehti hai, woh mard
kabhi aurto ke shaukin nhi hote💪🏼




मैले और गंदे कपड़े से यदि
हमें शर्म आती है!
तो गंदे और मैले विचारों से भी
हमें शरमाना चाहिए! 🧠✨


कितने भी अच्छे काम़ कर लो,
पर याद तभी आओंगे,
जब दोबारा जरूऱत होगी !!🙏
तुलना के खेल में मत उलझो,
क्योंकि इस खेल का कहीं कोई अंत नही..!
जहाँ तुलना की शुरुआत होती है,
वही से आनंद और अपनापन खत्म होता है !!🙌
सच के चेहरे में यहाँ, झूठ के फसाने देखे
“दुश्मनों” को जब गौर से देखा
उनमे कई “दोस्त” पुराने देखे😐


मनुष्य का आधा सौंदर्य उसकी जुबान में होती है!!
तो जब भी अपनी जुबान खोलें कुछ अच्छा ही बोलें!!😊

